Wednesday, November 5, 2025

वोट चोर

जिन्हें हारना नहीं गंवारा

छीन रहे हैं वोट तुम्हारा

बली चढ़ रहा उनके हाथों

लोकतंत्र ये प्रिय हमारा।

अखरा उन्हें तिरंगा प्यारा

नफ़रत में बापू को मारा

फूटी आँख भी नहीं सुहाता

उनको संविधान ये न्यारा

पर्दा फ़ाश, फूटा ग़ुब्बारा

वोट चोर फँस गया बेचारा

हाथ उठाओ बटन दबाकर

चांटा इन्हें लगाओ करारा